अध्याय 169

बेट्टी मुड़ी, लैला की आँखों में चिंता देख ली, और नर्म‑सी पकड़ के साथ उसका हाथ दबाया। “फिक्र मत कर। मैं संभाल लूँगी। चाहे मेरे माँ‑बाप और तुम्हारे पापा से कोई गलती हुई भी हो, अब वो इस दुनिया में नहीं हैं। मैं किसी को भी उन्हें और बदनाम करने या चैन से न रहने देने नहीं दूँगी।”

लैला ने माथा सिकोड़ लिय...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें